भ्रष्टाचार – इस समय की सबसे बड़ी समस्या

इस समय देश में भ्रष्टाचार का मुद्दा बहुत तेजी के साथ उठ रहा है जहां एक और राजनीति के रखवाले भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना देख रहे हैं वहां दूसरी और उनके कुछ करीबी इस मामले में घीरते देखे जाते रहे हैं भारत के प्रधानमंत्री जी लगातार ट्विटर और फेसबुक पर अपनी बात को बहुत ही सत्यवादिता के साथ रखते हैं कि हम मर जाएंगे लेकिन भ्रष्टाचारियों को छोड़ेंगे नहीं आखिर देश की सारी खुफिया एजेंसी पुलिस और केंद्रीय पुलिस आपके पास है तो फिर डर किस बात का है मेरा मानना यह है कि जब किसी विषय पर जांच शुरू होती है तो उसमें पार्टी नेता और उनकी किसी रिश्तेदार का नाम आ जाने से जांच का रुख बदल जाता है क्यों ना इस तरह की जांच के लिए स्वतंत्र रूप से एजेंसी बनाई जाए जो कि स्वतः ही हर मामले को जांच के दायरे में लाकर उसकी रिपोर्ट खुद प्रकाशित करें और उसकी सीधी प्रक्रिया हो अभी हाल में ही भूतपूर्व DM चंद्रकांत पांडे के विषय में कुछ युवा सरकार को Twitter Facebook के माध्यमों से इनके द्वारा किए गए घोटालों की जांच की मांग कर रहे थे लेकिन सरकार का ध्यान इस ओर नहीं गया क्योंकि कहा जाता है कि प्रदेश स्तर के सबसे बड़े नेता उनके रिश्तेदार हैं वर्तमान में वह प्रदेश अध्यक्ष भी हैं और उन्हीं की पार्टी की सरकार भी है युवाओं की मांग पर जांच तो शुरू नहीं हुई बल्कि मांग कर रहे युवाओं के ऊपर दबाव अवश्य बनाया जाने लगा कि वह उसकी जांच की मांग ना करें अगर इसी तरह उठने वाली आवाजों को सरकार ने ध्यान ना दिया तो आगे की राह आसान नहीं होगी क्योंकि भ्रष्टाचार यहां की जड़ तक जा चुका है और अगर उसे खत्म करना है तो निश्चित ही बातों से ज्यादा काम पर ध्यान देना होगा कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार कि जिम्मेदार आम जनता भी है क्योंकि अगर आज कोई व्यक्ति घर से बिना हेलमेट बिना लाइसेंस निकलता है तो ट्रैफिक पुलिस के द्वारा पकड़े जाने पर उसे रिश्वत लेकर छोड़ने को कहता है तो इसी तरह के छोटे-छोटे कारणों से भ्रष्टाचार फैलता है भूत पूर्व DM चंद्रकांत पांडे फतेहपुर लेकपड घोटाले में भी जकड़े हुए नजर आ रहे हैं 2013 में अमर उजाला के 1 अंक में इनके ऊपर आरोप भी लगे थे परंतु उसके बाद दबती चली गई क्योंकि अपने रसूख और लंबी पहुंच के दम पर इन्होंने उस मामले को रफा-दफा तक करवा डाला और इसी कारण अब तक यह बचे हुए हैं मैं तो कहता हूं कि सरकार को ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जरूरत है क्योंकि जब तक कड़ी कार्यवाही नहीं होगी तब तक कोई डरने वाला नहीं है या देश और समय की मांग है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई जाए क्योंकि अगर देश से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा तो किसी भी सपने को आकार देना मील का पत्थर साबित होगा मैं कहता हूं भ्रष्टाचार के खिलाफ केवल आवाज उठाना युवा वर्ग का कार्य नहीं है हर वर्ग का कार्य है और उसे सुनना और कार्यवाही करना सरकार का कार्य है कार्यवाही केवल होनी नहीं चाहिए जमीन पर नजर भी आनी चाहिए स्वच्छता केवल कूड़े को हटा देने से नहीं होगी बल्कि भ्रष्टाचारियों को जड़ से खत्म कर देने से पूरा देश अपने आप स्वच्छ हो जाएगा आजादी का 70 साल बीत चुका है इतिहास में कहा जाता है कि यह गांधी का देश है लेकिन मैं तो कहता हूं कि यह गांधी का देश था लेकिन उस समय भी गांधी के समय में भी चंद्रशेखर और भगत सिंह की जरूरत थी वही भारत देश आज भी है आज भी यहगांधी का देश है परंतु कहीं ना कहीं आज भी इस देश को चंद्रशेखर और भगत सिंह जैसे युवाओं की जरूरत है क्योंकि कल तक अंग्रेजो ने यहां रहकर भारतवासियों के ऊपर अत्याचार किया था लेकिन आज हर ऑफिस हर दफ्तर कोर्ट कचहरी हर जगह अपना हिंदुस्तानी भाई एक दूसरे हिंदुस्तानी भाई पर अत्याचार करता है उसे रिश्वत लेता है तो इस तरह की अत्याचार और भ्रष्टाचार जैसी मुहिम से लड़ने के लिए गांधी जैसे दिमाग चंद्रशेखर जैसी कट्टरता और भगत सिंह जैसी दिलेरी की आवश्यकता है अन्यथा भ्रष्टाचार दीमक की तरह इस देश को चाट रहा है | जय हिंद जय भारत |

राहुल त्रिपाठी

शोध छात्र एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष समान जनता पार्टी

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